दिसम्बर माह में नाल्टी के नजदीकी क्षेत्र में बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में जुटी कंपनी के मजदूर ओम प्रकाश की मौत के मामले में अहम खुलासा हुआ है। फौरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मजदूर की मौत का कारण साइलेंट अटैक नहीं बल्कि मशीन की चपेट में आकर होना बताया गया है। इन दोनों रिपोर्टस के सामने आने के उपरांत इस मामले ने नया रुख ले लिया है। मंगलवार को ये रिपोर्टस पुलिस के पास पहुंच गईं हैं और पुलिस ने इस मामले में बी.एन. एस. की सेक्शन 281, 106 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को सदर पुलिस की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और मजदूरों समेत अन्य कर्मचारियों के ब्यान दर्ज किए हैं। बता दें कि 27 दिसम्बर को निर्माणाधीन कंपनी के कुछ कर्मचारी एक मजदूर (जो हाइडरा का चालक बताया जा रहा था) को मृत हालत मे मैडीकल कालेज हमीरपुर लाए थे। इस दौरान उन्होंने मैडीकल स्टाफ और पुलिसकर्मियों को उसकी मौत का कारण साइलेंट अटैक होना बताया था। इसके उपरांत पुलिस की मौजूदगी में उक्त मजदूर का पोस्टमार्टम हुआ था परंतु इस दौरान मैडीकलकर्मियों को उसकी मौत साइलेंट अटैक से नहीं होने का अंदेशा हुआ था। जिसके चलते फॉरेस्टिंग टीम को भी इस मामले में शामिल किया गया था। अब मंगलवार को ई इन दोनों रिपोर्ट ने साफ तौर पर बता दिया है कि उसकी मौत साइलेंट अटैक से नहीं बल्कि मशीनरी की चपेट की वजह से हुई है। सूत्रों के मुताबिक जानकारी प्राप्त हुई है कि घटना के समय मृतक चालक ओम प्रकाश अपनी हाइड्रा मशीन में फंस गया था, जब उसका सहयोगी अनिल कुमार अपने लोडर मशीन से उसे निकालने का प्रयास करने लगा तो मृतक लोडर की चपेट में आ गया था। फिलहाल सदर पुलिस इस मामले में अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही है और उन दोनों गाड़ियों को कब्जे में लेने की तैयारी में है। मामले की पुष्टि एस.एच.ओ. सदर बाबूराम शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि फ़ौरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक की मौत का कारण साइलेंट अटैक नहीं था। उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में ला रही है।