विज्ञान और इंजीनियरिंग में वर्चुअल लैब्स के प्रयोग को बल दें विद्यार्थीः प्रो जयदेव

हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर में वर्चुअल लैब्स पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला की अध्यक्षता तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो जयदेव ने की, जबकि आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता जस्सी प्रसाद और शनि कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। आईआईटी दिल्ली के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में तकनीकी विवि के स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के अलावा प्राध्यापकों ने भी भाग लिया। आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों ने छात्रों को वर्चुअल लैब्स की विशेषताओं और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह प्रयोगशालाएं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय आईसीटी शिक्षा मिशन के तहत शुरू की गई हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्चुअल लैब्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों में रिमोट-एक्सेस के माध्यम से प्रयोगशाला अनुभव प्रदान करना है। इससे महंगे उपकरण और संसाधनों को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाया जा सकता है। इन प्रयोगशालाओं में वीडियो और ऑडियो स्ट्रीमिंग, रिमोट ट्रिगरिंग एक्सपेरिमेंट तथा कंप्यूटर इंटरफेस के माध्यम से वास्तविक प्रयोग को संभव बनाया गया है। वहीं, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो जय देव ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे स्वयं वर्चुअल लैब्स प्रयोगों की रूपरेखा तैयार करें और वर्चुअल लैब्स के माध्यम से अधिक प्रयोग करें। तकनीकी विवि के कार्यशाला संयोजक एवं स्थानीय नोडल समन्वयक डॉ जेपी शर्मा ने बताया कि ऐसे प्रयोग डिजाइन करना संभव है, जो छात्रों के ज्ञान और कौशल को बढ़ा सकते हैं। सभी प्रतिभागियों ने कुलपति प्रो शशि कुमार धीमान व विवि प्रशासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस उपयोगी कार्यशाला में भाग लेने का अवसर प्रदान किया। छात्रों ने हैंड्स ऑन ट्रेनिंग सत्र का विशेष रूप से लाभ उठाया।

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Author: powan dhiman

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