मानसून में जल जनित रोगों से बचाव को लेकर जल शक्ति विभाग की अपील शुद्ध पेयजल के उपयोग और भंडारण टैंकों की नियमित सफाई जरूरी

जल शक्ति विभाग मंडी ने बरसात के मौसम में जल जनित रोगों की आशंका को देखते हुए सभी पेयजल उपभोक्ताओं से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। विभाग ने आग्रह किया है कि उपभोक्ता केवल विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे शुद्ध और परीक्षण युक्त पेयजल का ही उपयोग करें तथा अपने निजी जल भंडारण टैंकों की नियमित सफाई अवश्य करें।

सहायक अभियंता रोहित गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग प्रतिदिन मंडी शहर के विभिन्न हिस्सों से पानी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच कर रहा है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार विभागीय स्रोतों का पानी पीने के लिए सुरक्षित पाया गया है। पेयजल शुद्धिकरण के लिए आधुनिक रैपिड सैंड फिल्ट्रेशन प्रक्रिया के साथ-साथ गैसीय क्लोरीनेशन प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि परंपरागत जल स्रोतों जैसे बावड़ियों, निजी कुओं व अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों   के नमूनों की भी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने तक इनका उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।

विभाग ने यह भी कहा है कि यदि जल में रंग, गंध या स्वाद में बदलाव नजर आए या पानी लंबे समय से टंकी में जमा हो, तो ऐसे पानी का उपयोग करने से बचें। विशेष परिस्थिति में पानी को उबालकर या क्लोरीन की टिकिया डालकर ही पीने योग्य बनाएं।वे अपने जल कनेक्शनों की समय-समय पर जांच करें और यदि कहीं रिसाव हो तो उसे तुरंत ठीक करवाएं, क्योंकि यह प्रदूषण का स्रोत बन सकता है।यदि किसी क्षेत्र में पीलिया अथवा अन्य जल जनित रोग का मामला सामने आता है तो इसकी सूचना तुरंत जल शक्ति विभाग  को दी जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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Author: powan dhiman

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