मुख्यमंत्री ने मानसून के दृष्टिगत ज़िला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लिया। इसमें स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉक्टर धनी राम शांडिल जी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा जी, विधायक संजय अवस्थी जी, मेयर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान जी, नगर निगम के पार्षद, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, उच्च अधिकारी व विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री ने मानसून के दृष्टिगत ज़िला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा

 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में मानसून के दौरान मौसम की विपरीत परिस्थितियों के दृष्टिगत सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और आमजन के लिए 24ग7 उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने वीरवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में मौसम की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों से आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी-नालों के निकट रह रहे लोगों विशेषकर प्रवासी मज़दूरों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर पुनर्वास करने को कहा। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बारिश के मौसम में नदी-नालों के समीप नहीं जाने को लेकर एडवायज़री जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना सरकार को शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष मॉनसून के कराण जल विद्युत परियोजनाओं को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। इनकी सुरक्षा के लिए एक समग्र रणनीति बनाई जाए, जिससे इन परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश में तीन स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ की नौ और भू-स्खलन की तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पांच लोगों की मृत्यु होने और एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि की गई है।

ज़िला कुल्लू में तीन और ज़िला कांगड़ा में पांच से छह लोग अभी भी लापता हैं जबकि फसे हुए 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-505 और एनए-3 पर भूस्खलन पर अभी भी कई स्थानों पर मार्ग अवरूद्ध है। कुल्लू ज़िले में सैंज घाटी के मझान नाला में बादल फटने की घटना के बाद सैंज, पार्वती और लारजी जल विद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान के दृष्टिगत इन परियोजनाओं को बंद कर दिया गया है और गेट खोल दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटीं हैं।

विधायक मोहन लाल ब्राक्टा और आशीष बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विशेष सचिव राजस्व डीसी राणा और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

 

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Author: powan dhiman

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