आपदा प्रभावित सराज क्षेत्र में 24 मेडिकल टीमें पैदल पहुंच कर दे रहीं स्वास्थ्य सेवाएं- उपायुक्त

सराज विधानसभा क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद जहां जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ इत्यादि बचाव दल राहत व बचाव कार्यों में जुटे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग भी पूरी मुस्‍तैदी से प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहा है। विभाग ने 24 मोबाइल मेडिकल टीमें गठित की हैं, जिनमें से 10 टीमें जंजैहली, 10 थुनाग और 4 टीमें बगस्याड़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों में जाकर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

दुर्गम क्षेत्रों में डेरा जमाकर कर रहे स्वास्थ्य जांच

बादल फटने की घटना के बाद जहां सड़कों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है, ऐसे दूरदराज और दुर्गम गांवों में मोबाइल मेडिकल टीमें डेरा जमाकर कार्य कर रही हैं। डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा निरंतर स्वास्थ्य जांच, आवश्यकतानुसार दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।

गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को सुरक्षित उपचार के लिए भेजा गया

प्रभावित क्षेत्रों से अब तक विभिन्न माध्यमों से 9 गर्भवती महिलाओं को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी और मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेजा जा चुका है। एक गर्भवती महिला को जंजैहली से वाया करसोग आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।

संवेदनशील वर्गों पर विशेष निगरानी

स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों की नियमित जांच और निगरानी पर बल दिया है। इसके साथ ही आपदा के दौरान फैलने वाले संक्रमण से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक दवाएं वितरित की जा रही हैं। अब तक 2000 क्लोरीन टेबलेट और 49 प्राथमिक चिकित्सा किटें वितरित की गई हैं।

पर्याप्त दवाइयां और स्टाफ की व्यवस्था

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने बताया कि बादल फटने की घटना से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही उनकी सेहत का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशों पर मंडी जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच का कार्य जारी है। आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण, मेडिकल स्टाफ की तैनाती और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बाड़ा, परबाड़ा, बस्सी, सरोहा, अनाह, तांदी, केलोधार, धरोट स्वास्थ्य केंद्रों में दो महीने का दवाईयों का स्टॉक उपलब्ध है।

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Author: powan dhiman

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