भोरंज के सम्मु ताल में निर्माणाधीन तालाब की दीवारें गिरने से भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण आया सामने आ रहा है :- कमलेश कुमारी

हिमाचल प्रदेश में एक के बाद एक लगातार भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आ रहे हैं।इस कड़ी में भोरंज के निकट सम्मु ताल में एक बड़े तालाव के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। कच्ची मिट्टी पर ही तालाव की दीवारें बना दी गई हैं। दीवार का कुछ हिसा गिर गया है और शेष भाग में बड़ी बड़ी दरारें आ गई हैं। इससे मालूम होता है कि बिभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटना घटित हुई है। कांग्रेस की सरकार ऐसे बिभागों के अधिकारियों का सेवा निबृति के बाद भी उनका सेवा काल बढ़ा कर उन्हें ऐसे गुणबत्ता बिहीन कार्य करवाने के लिए उन्हें ईनाम दे रही है। सरकार और बिभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। पूर्व बिधायक कमलेश कुमारी ने सरकार से मांग की है की सम्मु ताल में तालाव के निर्माण कार्य की जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने बाले अधिकारी, कर्मचारी या निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार जो भी गलत पाया जाता है, के बिरुद्ध उचित कानूनी कार्यबाही होनी चाहिए। जनता के धन का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सम्मु ताल क़ो पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने के लिए तालाव का निर्माण, पार्क और आधुनिक बस स्टैंड आदि महत्वपूर्ण कार्यों की स्वीकृति उनकी प्राथमिकता के आधार पर हुई है।उन्होंने बताया कि तालाव के निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी से वह बहुत आहत हैं।बर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्य काल में चल रहे निर्माण कार्यों की कमियाँ आम जनता ही उजागर कर रही है और बिभाग अंधा हो गया है। इससे सरकार और बिभाग की मिलीभक्ति उजागर हो रही है। पांडवी भगेटू सड़क के डंगे भी मिट्टी से ही बना दिए गए थे। इस मामले पर भी दोषियों के खिलाफ उचित कार्यबाही नहीं हुई। अगर सरकार दोषियों के खिलाफ कोई कार्यबाही नहीं करती है तो सरकार पर भी प्रशन खड़ा होता है

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Author: powan dhiman

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