पवन धीमान, हमीरपुर
राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (हमीरपुर-मंडी) के निर्माण में जुटी कंपनी की लापरवाही और घटिया कार्य प्रणाली ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। टोनी देवी के नजदीक दरकोटी (पुलिस चौकी के पास) में बनाई गई नाली महज एक हफ्ते की बारिश में ही जगह-जगह से टूट गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण में सरिया तक का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि सीधे मिट्टी पर सीमेंट पोतकर काम चलाया गया।
*निर्माण या मजाक?*
यह समझ से परे है कि क्या कंपनी राजमार्ग का निर्माण कर रही है या महज ट्रायल का काम चल रहा है। चार साल से जारी इस प्रोजेक्ट में सर्वे से लेकर कटिंग तक हर चरण में गड़बड़ियां सामने आती रही हैं। अब नाली निर्माण में हुई लापरवाही ने कंपनी की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि क्या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या MORTH के इंजीनियर्स निरीक्षण के दौरान इन खामियों को नहीं देख पाते, या फिर उनकी मिलीभगत से यह घटिया काम हो रहा है?
*जनता भुगत रही कीमत*
इस नाली के टूटने से आसपास के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और गंदगी फैल रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
जिला प्रशासन और NHAI अब तक इस मामले पर मौन हैं। सवाल यह है कि क्या टैक्सपेयर्स के पैसे से चल रहे इस प्रोजेक्ट में जवाबदेही तय करने वाला कोई नहीं है? अगर जल्द ही निर्माण गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी नहीं की गई, तो यह राजमार्ग दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
