हमीरपुर,17 अगस्त: सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “मित्रों की सरकार” के राज में सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो गया है। जनता बेहाल है, जबकि सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में व्यस्त है। राणा ने कहा कि सरकार के पास अपनी ऐश-परस्ती के लिए बजट की कोई कमी नहीं, मगर जनता के लिए खजाना खाली पड़ा है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार अब संस्थानों को बंद करने और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने में ही व्यस्त है। वहीं, शिक्षकों की पदोन्नति रोक कर सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया है।
राजेंद्र राणा ने खुलासा किया कि मई 2023 के बाद से किसी भी प्रिंसिपल की प्रमोशन नहीं हुई है। जुलाई 2023 के बाद से कोई भी हेडमास्टर प्रमोट नहीं किया गया। टीजीटी से लेक्चरर और जेबीटी से टीजीटी बनने वालों की प्रमोशन भी पिछले दो वर्षों से अटकी पड़ी है। वहीं, जो CHT से HT बने थे, उनकी भी 2023 से कोई पदोन्नति नहीं हुई है।
हमीरपुर जिले की स्थिति पर बात करते हुए राणा ने बताया कि यहां BEEO की 8 में से 4 पोस्टें खाली हैं। CHT की 30, HT की 44 और JBT की 89 पोस्टें रिक्त पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा विभाग की दुर्दशा को दर्शाती है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश का कर्मचारी वर्ग बुरी तरह परेशान है। देय भत्ते तक नहीं दिए जा रहे हैं। सरकार जनता की आवाज उठाने वालों पर केस दर्ज कर रही है और दमन की नीति पर चल रही है। खुद सरकार के भीतर ही हताशा का माहौल है और रोजाना उठक-बैठक का दौर जारी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “व्यवस्था परिवर्तन” का नारा देने वाली सरकार अब खुद सत्ता परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। व्यवस्था में सुधार के नाम पर मित्रों की तिजोरी भरने में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। खुलेआम लूट मची है और आम आदमी अपने हक के लिए दर-दर भटक रहा है।
