हमीरपुर, (पवन धीमान)*
राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (टोनी देवी, आवाहदेवी, पाड़छू मार्ग) के विवादास्पद निर्माण कार्य को लेकर धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन शुक्रवार को अपने पांचवें दिन में भी जारी है। विधायक का आरोप है कि निर्माण कार्य लापरवाही और अमानवीय ढंग से किया जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें पर्याप्त मुआवजा भी नहीं मिला है। उनकी मांग है कि प्रभावितों को तत्काल न्याय मिले और निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
निर्माण कंपनी की लापरवाही ने हालात और भी गंभीर बना दिए हैं। बारिश के मौसम में भी कंपनी ने टोनी देवी के नजदीकी गांव दरकोटी में खतरनाक कटिंग का काम जारी रखा हुआ है। गुरुवार को भारी बारिश के बीच हुई इस कटिंग के कारण मार्ग पूरी तरह से दुर्गम हो गया, जिससे दुपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक टिप्पर ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा लुढ़का। सौभाग्य से इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना एक बड़े हादसे की संभावना की चेतावनी बनकर सामने आई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कंपनी की यह जिद्द किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही है। वे विधायक चंद्रशेखर के इस साहसिक कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह लड़ाई किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनता के हक और सुरक्षा के लिए लड़ी जा रही है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों से भी इस जनआंदोलन में विधायक का साथ देने की अपील की है।
विधायक चंद्रशेखर ने अपने संदेश में कहा कि, “यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन और निर्माण कंपनी प्रभावित परिवारों को उनका हक और सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। हमारी मांगें जायज हैं और जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
जनता की ओर से उठ रही आवाजों के बाद भी प्रशासनिक अमला और निर्माण कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नजर नहीं आ रही है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कब तक जनता की सुरक्षा और हकों के साथ यह खिलवाड़ जारी रहेगा? विधायक के अनशन ने इस मुद्दे को राज्यस्तर पर उठा दिया है, और अब प्रशासनिक हस्तक्षेप अनिवार्य हो गया है।
