हमीरपुर, पवन धीमान
जिले के पांडवीं क्षेत्र के मैड गाँव में एक भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहाँ पहाड़ी के खिसकने से धरती धंसने लगी है। यह घटना गाँव की प्राथमिक पाठशाला से सटे खेल के मैदान के निकट की पहाड़ी में हो रही है, जो लगातार दो दिनों से खिसक रही है। इससे गाँव के कई मकानों के ध्वस्त होने का खतरा पैदा हो गया है।
इस आपात स्थिति का जायजा लेने एसडीएम, तहसीलदार और मृदा परीक्षण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी घर को सीधा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन जमीन में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जो आने वाले खतरे की गंभीर चेतावनी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा भी गाँव पहुँचे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर निरीक्षण किया और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान पटवारी द्वारा समस्या की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की गई।
एसडीएम ने बताया कि खतरे के मद्देनजर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है। अब तक 100 से अधिक परिवारों को टेंट (शिविर) दिए जा चुके हैं, हालाँकि अंतिम आँकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है और हर संभव मदद के लिए तैयार बैठा है।
पंचायत के उपप्रधान सुनील कुमार ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा, “गाँव के ऊपर बनी लगभग 70-80 साल पुरानी सुरंगें (स्थानीय भाषा में ‘ट्रिपल’ या ‘बस्तियां’) इसकी मुख्य वजह हो सकती हैं। अब यहाँ एक वास्तविक खतरा पैदा हो गया है। हमारी मांग है कि इनकी तुरंत मुरम्मत करवाई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र के विधायक भी मौके पर आए और प्रभावितों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की।
प्रशासन का कहना है कि मृदा विशेषज्ञों की टीम स्थिति की गहन जाँच कर रही है और जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
