कार्यालयी कार्यों में हिंदी भाषा के महत्व पर त्रैमासिक कार्यशाला आयोजित

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, मंडी द्वारा आज यहां त्रैमासिक हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयी कार्यों में हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करना था।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, मंडी अमित कुमार ने की। उन्होंने हिन्दी के विकास व कार्यालयों में इसके महत्त्व पर अपने विचार साझा किये। सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, शिमला दिवान चंद ठाकुर ने कार्यालयी कार्यों में हिंदी भाषा के सहज, प्रभावी और व्यापक उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला जनसम्पर्क अधिकारी, मंडी हेमंत शर्मा तथा प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय, मंडी सुरेश कुमार ने भी हिंदी भाषा की व्यवहारिक उपयोगिता और इसकी कार्यालयी दक्षता में भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यालयों में हिंदी भाषा के महत्व पर चर्चा करते हुए हेमंत शर्मा ने कहा कि इससे सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों को आम जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी मदद मिलती है। विशेषतौर पर जनसंचार में इसका उपयोग उतरोत्तर बढ़ता जा रहा है। हमें अपनी बोलचाल में भी हिंदी को अधिकाधिक प्रयोग में लाना होगा। उन्होंने हिंदी को सच्चे मन से आत्मसात करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे कार्यालयी हिंदी को बोझिल समझने के हमारे दृष्टिकोण में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने हिंदी व्याकरण की शुद्धता, शब्दावली व शब्दकोषों के उचित उपयोग के साथ ही स्तरीय हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के नियमित पठन-पाठन पर भी बल दिया, ताकि हिंदी भाषा का हमारा ज्ञान और व्यापक हो सके।

 

इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय शिमला, उपक्षेत्रीय कार्यालय हमीरपुर एवं धर्मशाला के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और हिंदी को कार्यकुशलता तथा जनसंपर्क का सशक्त माध्यम बताया।

 

कार्यशाला में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकतम प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

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Author: powan dhiman

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