दैनिक कार्यों और आराम के बीच एक अच्छा संतुलन जरूरी तकनीकी विवि में विद्यार्थियों को बताई सुखी जीवन जीने की कला

दैनिक कार्यों और आराम के बीच एक अच्छा संतुलन जरूरी तकनीकी विवि में विद्यार्थियों को बताई सुखी जीवन जीने की कला

 आज की व्यस्त जीवन शैली में सुखी जीवन जीने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दैनिक कार्यों और आराम के मध्य समय का सही प्रबंधन करना है। अगर समय का प्रबंधन हम सही ढ़ग से नहीं करेंगे, तो विद्यार्थी जीवन में ही हम सुखी नहीं रह पाएंगे। यह बात हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के वरिष्ठ संकाय सदस्य और अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके भारत भूषण ने व्याख्यान में कही। तकनीकी विवि में वीरवार को विद्यार्थियों के लिए सुखी जीवन जीने की कला विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें इंजीनियर बीके भारत भूषण मुख्य वक्ता रहे, जबकि अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ राजेश कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुखी जीवन के लिए अपने दैनिक कार्यों और आराम के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इसमें सादगी और अनुशासन पूर्ण जीवन शैली अपनाना शामिल है, जो तनाव को प्रबंधित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और विचारों से घिरे रहना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का भी जवाब दिए। उसके बाद उन्होंने तकनीकी विवि के प्राध्यापकों के साथ ही संवाद किया। उन्होंने एक बेहतर विश्व के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका के बारे में प्राध्यापकों के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा की। इस मौके पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के नेत्रमणी, दीदी सारिका और बबिता भी उपस्थित रही।
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Author: powan dhiman

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