हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तबादलों पर लगाया गया बैन दुर्गम क्षेत्र में निर्धारित सेवाएं देने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने ग्राम पंचायत सिल्हबुधानी, शिक्षा खंड द्रंग-II, तहसील पधर, जिला मंडी, में सेवारत जेबीटी शिक्षक महेश्वर सिंह को दो दिनों के भीतर सॉफ्ट क्षेत्र में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जब कोई कर्मचारी दुर्गम, ट्राइबल अथवा कठिन क्षेत्र में सामान्य सेवाकाल पूरा कर ले तो तबादलों पर तथाकथित प्रतिबंध लागू नहीं होता।
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता द्वारा अपेक्षित कार्यकाल पूरा होने पर कठिन क्षेत्र से स्थानांतरण की मांग करने वाले उसके अभ्यावेदन को स्कूल शिक्षा निदेशक ने 01.11.2025 को निम्नलिखित दो आधारों पर खारिज कर दिया था। पहला कारण राज्य अधिसूचना दिनांक 04.06.2025 के तहत स्थानांतरण पर प्रतिबंध होना बताया गया था जबकि दूसरे कारण में बताया गया था, जिस स्कूल से प्रार्थी तबादला चाहता है। वह एकल शिक्षक वाला स्कूल है। कोर्ट ने मामले से जुड़ा रिकॉर्ड देखने के बाद कहा कि दी गई स्थिति में, तबादलों पर तथाकथित प्रतिबंध, याचिकाकर्ता के स्थानांतरण में बाधा नहीं बनेगा, खासकर तब जब उसने दुर्गम/कठिन क्षेत्रों में सेवा के लिए निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लिया हो। कोर्ट ने कहा कि इसके अलावा, एकल शिक्षक वाला स्कूल होना भी याचिकाकर्ता के स्थानांतरण में बाधा नहीं बनेगा, क्योंकि प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वहां किसी अन्य की नियुक्ति हो, न कि याचिकाकर्ता को निर्धारित कार्यकाल से कहीं अधिक दुर्गम क्षेत्र में सेवा जारी रखने के लिए बाध्य किया जाए।