हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में मंगलवार को विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन और परामर्श विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान में हिमाचल प्रदेश आवास और शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) निदेशक मंडल के निदेशक इंजीनियर राजेश बन्याल ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की, जबकि तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ राजेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता ने एक इंजीनियर की यात्रा में आने वाली चुनौतियों और सफलता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक इंजीनियर का सफर केवल तकनीक सीखने का नहीं होता, बल्कि यह संघर्ष, नवाचार और निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। अपने जीवन से जुड़े कुछ प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने नए अवसर तलाशे और खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग जीवन में आने वाली बाधाएं चाहे वह तकनीकी जटिलताएं हों या संसाधनों की कमी व्यक्ति को और अधिक मजबूत तथा नवोन्मेषी बनाती हैं। तकनीकी विषयों पर बात करते हुए उन्होंने एआई, मशीन लर्निंग और डाटा साईंस के बढ़ते प्रभाव पर अपनी समझ साझा की। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में एआई और मशीन लर्निंग हर उद्योग का अभिन्न हिस्सा बन जाएंगे, और वर्तमान युवाओं को इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि ये पहलें न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को बढ़ा रही हैं, बल्कि अकादमिक और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अंत में छात्रों ने अनेक प्रश्न पूछे, जिनका वक्ता ने धैर्यपूर्वक समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सत्र के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने उनके मूल्यवान विचारों और प्रेरक संबोधन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने तकनीकी विवि की लैब और वेब स्टूडियो का भी भ्रमण किया। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ जेपी शर्मा सहित अन्य प्राध्यापक और बीटेक, एमएससी भौतिक व पर्यावरण विज्ञान के विद्यार्थी मौजूद रहे।
