बीबीएन/ चरखी दादरी 18 नवंबर कविता शांति गौतम
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, चरखी दादरी के अध्यक्ष मनजीत सिंह नरयाल ने अर्चना डबास बनाम दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) मामले में अपना फैसला सुनाया।
शिकायतकर्ता अर्चना डबास ने आरोप लगाया कि डीएचबीवीएनएल के अधिकारियों ने उसका पुराना मीटर बदलते समय अंतिम मीटर रीडिंग नहीं दी, जिससे उसे 2,89,600 रुपये का मनमाना और बढ़ा हुआ बिजली बिल जारी किया गया। आयोग ने पाया कि बढ़े हुए बिल से बचने के लिए रिश्वत की मांग करना गैरकानूनी था और यह सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मामला था।
आयोग के अध्यक्ष मनजीत सिंह नरयाल ने अर्चना डबास को मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही, डीएचबीवीएनएल को 45 दिनों के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
शिकायतकर्ता को पिछले सभी भुगतानों को समायोजित करने के बाद केवल 8,358 रुपये की वैध संशोधित बिल राशि का भुगतान करना होगा। आयोग ने डीएचबीवीएनएल को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू करने का भी आदेश दिया।
निर्णय सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण के महत्व को उजागर करता है।
