अक्सर सुनने में आता है कि कलयुग में सुखदार लोगों और नेताओं का बोलबाला रहेगा, सुनने में अटपटा लगता था, परंतु बहु प्रतीक्षित राष्ट्रीय राजमार्ग 03 वाया (टोनी देवी आवाहदेवी) के निर्माण कार्य में ऐसा उदाहरण देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर पिछले करीब साढ़े 4 वर्ष से इस राजमार्ग का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है, और गरीब तबका घर से बेघर, सैंकड़ो दुकानदार बेरोजगार हो चुके हैं, वही यह राष्ट्रीय राजमार्ग कंपनी चंद सुखदार और चंद नेताओं पर मेहरबानी करने को तुली हुई है। समझ में नहीं आ रहा कि यह राजमार्ग सभी लोगों को सहूलियत देने के लिए या तो फिर चहेते और रसूखदारों को फायदा देने का माध्यम बनाया है।
बात की जा रही है अनुराग ठाकुर के गृह क्षेत्र के राजमार्ग की :
सबसे हैरानी की बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के सुपुत्र और हमीरपुर के वर्तमान सांसद कैबिनेट मंत्री रहे अनुराग सिंह ठाकुर के गृह क्षेत्र में यह राजमार्ग बन रहा है। पिछले करीब साढे 4 साल से इस राजमार्ग का कार्य खत्म नहीं हो सका है। यहां तक की अनुराग ठाकुर की गृह पंचायत समीरपुर के स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और लोग इस राष्ट्रीय राजमार्ग से परेशान होकर कई बार सड़कों पर उतरे हैं। परंतु कोई भी सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आ सका है।
परेशान होकर कई लोगो ने धूल मिट्टी, पानी की सप्लाई, बिजली की सप्लाई, सड़क अवरुद्ध होने, और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों और कर्मचारी के अपमान से ग्रसित होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार अपनाया।, परंतु उनके आंदोलन और जायज मांगों को दरकिनार कंपनी अपने तुगलकी कार्य प्रणाली पर अडिग है।
उदाहरण : कम्पनी ने किन्ही नेताओं, के आदेशानुसार या पैसे की लालसा में टोनी देवी पुलिस चौकी के करीब 100 मीटर दूर थाना द्रोगन सड़क पर लोगों को भर्मित करने के उदेश्य से एक घर के कच्चा डंगे को उखाड़कर वही उसके घर के आंगन को पक्का कर दिया है। वही चंद कदमों बाद एक व्यापारी की दुकान को प्रोटेक्शन देने में दिन रात कार्य किया जा रहा।
सवाल यह खड़े होते हैं कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग की जद में आए कई परिवार जो कि गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं उनके घरों को बचाने के लिए निर्माणाधीन कंपनी क्यों आगे नहीं आ रही
क्या ऐसा सिलसिला सही है
.. बहुत बडा सवाल है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रभावित कुछ लोगों ने तो अनुराग ठाकुर पर सीधा प्रहार किया है।
