परिणय सूत्र में बंधने से पहले बेटियों ने किया पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण मुहिम को मिला बेटियों का साथ जनसेवक सुशील ठाकुर ने पिछले कई वर्षों से चला रखी है मुहिम

हमीरपुर – शादी के बंधन में बंधने से पहले बेटियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण मुहिम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। जनसेवक एवं ग्राम पंचायत ऊखली के उपप्रधान सुशील ठाकुर के माध्यम से पिछले कई वर्षों से चलाई जा रही पर्यावरण सरंक्षण मुहिम से जुडक़र शनिवार को शादी के पवित्र बंधन में बंधने से पूर्व दो बेटियों ने पौधारोपण किया। इस पौधरोपण का गवाह बेटियों के परिजनों सहित इलाके के प्रबुद्धजन बने। जनसेवक एवं ऊखली पंचायत के उपप्रधान सुशील ठाकुर धरा को हरा भरा करने वाले इस कार्य के भागीदार बने। उन्होंने जहां दोनों बेटियों को सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं तो वहीं उनसे भविष्य में भी पर्यावरण प्रेमी बने रहने का आग्रह किया।

बता दें कि पिछले कई वर्षों से सुशील ठाकुर प्राकृतिक धरोहर वन संपदा के सरक्षण का प्रयास कर रहे हैं। उनके प्रयासों से न सिर्फ प्राकृति संरक्षित हो रही है बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। वह अपनी इस मुहिम के तहत फलदार पौधों का वितरण कर रहे हैं, जिससे दो लक्ष्य हासिल हो रहे हैं। एक तो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है तो वहीं किसानों-बागवानों की आर्थिक स्थिति फलों से मजबूत करने की मंशा से काम हो रहा है। इसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। अब इस मुहिम में बेटियों को भी जोड़ा जा रहा है। खासकर उन बेटियों के हाथों फलदार पौधा लगवाया जा रहा है जोकि परिणय सूत्र में बंधने जा रही हैं। शादी समारोह में पहुंचने वाले लोग बेटियों के इस कार्य से प्रभावित होकर पौधे लगाएं इस दिशा में यह कदम बढ़ाया गया है। शनिवार को पांडवीं में सुनील शुक्ला की बेटी तथा मैड़ में शुभाष चड्ढा की बेटी ने शादी के बंधन में बंधने से पहले फलदार पौधा लगाकर पर्यावरण हितैषी होने का प्रमाण दिया। बेटियों ने भी पर्यावरण संरक्षण मुहिम की सराहना की तथा भविष्य में भी प्रकृति को संजोए रखने की बात कही। इस अवसर पर सुशील ठाकुर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मुहिम के साथ जुडऩे वाले पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि लोगों ने फलदार पौधों का न सिर्फ रोपण किया है बल्कि इनकी सही देखभाल कर आज फल प्राप्ति के भी हकदार बन गए हैं।

powan dhiman
Author: powan dhiman

error: Content is protected !!