हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज गोलू उर्फ़ वीरेंद्र और उसके परिवार से भेंट की तथा रंजनादेवी के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। रंजनादेवी पर सासन पंचायत में हुए क्रूरतापूर्ण हमले के बाद वह पाँच दिनों तक जीवन-मृत्यु से जूझती रहीं और अंततः पीजीआई चंडीगढ़ में उन्होंने दम तोड़ दिया।
अनुराग ठाकुर ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह हृदय विदारक घटना पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाली है। उन्होंने कहा कि रंजनादेवी की मृत्यु ने उनके 17 वर्षीय विशेष रूप से सक्षम पुत्र गोलू (वीरेंद्र) की आशाओं को चकनाचूर कर दिया है, जो अपनी माँ पर पूरी तरह निर्भर था। इस दर्दनाक घटना ने समाज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की सुस्त प्रशासनिक व्यवस्था तथा बिगड़ती कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है।
उन्होंने गोलू के परिवार को हर संभव कानूनी एवं वाद-सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि रंजनादेवी को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
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*बड़सर वन विश्राम गृह में सुनी जनता की समस्याएँ*
इससे पूर्व सुबह अनुराग ठाकुर ने बड़सर वन विश्राम गृह में लोगों की शिकायतें और समस्याएँ सुनीं। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, प्रतिनिधि एवं लाभार्थी अपने-अपने मुद्दे लेकर पहुंचे। जनता ने सड़क संपर्क, पेयजल संकट, रुके हुए विकास कार्यों, मुआवज़ा मामलों और प्रशासनिक देरी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
अनुराग ठाकुर ने प्रत्येक व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनी और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी, वहाँ तुरंत निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी उचित मांगों को संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास की गति को किसी भी स्थिति में धीमा नहीं होने दिया जाएगा और जनता की आवाज़ को सदैव प्राथमिकता दी जाएगी।
इन मौकों पर बड़सर विधानसभा के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल, जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
