वर्ष 2011 में ऊहल क्षेत्र में स्थापित *सजीवनी मानव कल्याण संस्था* आज मानव सेवा और सामाजिक सहयोग का प्रतीक बन चुकी है। 30 सदस्यों के साथ शुरू हुई यह संस्था आज बढ़कर **230 सक्रिय सदस्यों** तक पहुँच गई है।
संस्था द्वारा आगजनी, गंभीर बीमारी, प्राकृतिक आपदा, गरीब परिवारों की मदद तथा बच्चों की शिक्षा जैसे अनेक सामाजिक क्षेत्रों में जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की जाती है। क्षेत्र में कहीं भी आपदा या संकट की स्थिति बनते ही संस्था के सदस्य मौके पर पहुँचकर आर्थिक और मानवीय सहयोग उपलब्ध करवाते हैं।
अब तक संस्था ने विभिन्न परिवारों को कुल **₹6.6 लाख की सहायता राशि** वितरित की है। साथ ही संस्था के पास **₹4 लाख की एफडी** भी है, जो भविष्य में सेवा कार्यों के लिए आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।
**संस्था के अध्यक्ष शास्त्री रमेश ने कहा**,
“हमारी संस्था का उद्देश्य केवल मानव सेवा है। सभी सदस्य निःस्वार्थ भाव से समाज के हर उस व्यक्ति तक पहुँचते हैं, जिसे किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है। हमारा संकल्प है कि हम आगे भी पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ मानव कल्याण का कार्य जारी रखेंगे।”
स्थानीय लोगों ने संस्था की पारदर्शिता, कार्यशैली और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि *सजीवनी मानव कल्याण संस्था* संकट के समय हर परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन गई है
