हेडमास्टर ऑफिसर कैडर एसोसिएशन जिला हमीरपुर की बैठक जिला प्रधान श्री केवल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में सेवानिवृत हुए मुख्याध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों को संघ की ओर से सम्मानित किया गया और संघ के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। जिनमें शकुंतला पटियाल, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कांगू, रजनीश कांत शर्मा, लखनू, मुख्याध्यापक श्रीमती पवन कुमारी, उच्च पाठशाला बुनी, परवीन पटियाल, उच्च पाठशाला गुलेला, प्रीतम चंद, बराड़ा, विचित्र सिंह , कंज्यान एवं प्यार चंद उच्च पाठशाला मंझेली उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में स्कूल प्रधानाचार्यों के 900 से अधिक रिक्त पदों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नया क्लस्टर सिस्टम लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 9933 प्राइमरी, 1774 मिडिल और 962 हाई स्कूल, कुल 12,669 विद्यालयों को 1,988 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के अधीन कर दिया गया है। इस व्यवस्था में इन सभी विद्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण अब वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सौंपा गया है, जबकि वित्तीय शक्तियां पूर्ववत ही रहेंगी।
नई प्रणाली के अनुसार प्रत्येक क्लस्टर प्रमुख को हर दो माह में अपनी संगम पाठशालाओं का पूर्णदिवसीय निरीक्षण करना होगा।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रधानाचार्यों के 900 से अधिक पद पिछले दो वर्षों से खाली पड़े हैं, जिसका मुख्य कारण स्कूल प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची का लगातार लंबित रहना है। इस अवधि में शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों में पदोन्नति सूचियां जारी होती रहीं, किंतु स्कूल प्रधानाचार्यों की सूची आज तक जारी नहीं हो सकी।
इसी कारण पिछले दो वर्षों में 160 से अधिक पात्र मुख्याध्यापक 30 वर्षों से अधिक की सेवाएं देने के बाद भी पदोन्नति की प्रतीक्षा में सेवानिवृत हो चुके हैं, जिससे 22,000 से अधिक हेडमास्टर कैडर में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव से कई बार आग्रह किया गया, किंतु अपेक्षित समाधान अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है।
संघ के पदाधिकारियों — कार्यकारी प्रधान श्री रविदास, जिला महासचिव श्री संजीव ठाकुर, वित्त सचिव श्री मनोज शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रत्न जरियाल उपाध्यक्ष श्री राजीव कितना एवं श्री महेश कुमार — ने मांग की है कि
क्लस्टर सिस्टम को सुचारू रूप से लागू करने, सरकार की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु स्कूल प्रधानाचार्यों वह मुख्य अध्यापकों के रिक्त पदों को अविलंब भरा जाए।
