कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने कहा कि हमीरपुर के विधायक आशीष मीडिया में जाकर ज्ञान बाँट रहे हैं और अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों को मात्र जीएसटी (GST) विभाग का साधारण मामला बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि यह मामला केवल टैक्स की गड़बड़ी का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर चोरी और सरकारी खजाने की लूट का है, जिसकी जाँच पुलिस विभाग द्वारा दर्ज एफआईआर के तहत की जा रही है।
खनन माफिया और राजस्व की भारी लूट
विधायक द्वारा किए गए घोटाले के आँकड़े चौंकाने वाले हैं। यह मामला 36 लाख 60 हज़ार 160 रुपये से अधिक की राजस्व चोरी के साथ-साथ 28,180 मीट्रिक टन अवैध खनिज चोरी का है। यदि इस चोरी किए गए खनिज को ट्रकों में लादा जाए, तो यह लगभग 5,700 ट्रकों के बराबर होता है। इसकी कुल बाज़ार कीमत का आकलन किया जाए, तो यह घोटाला लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपये का बनता है। इतने बड़े पैमाने पर खनिज़ की चोरी को महज “जीएसटी का मामला” बताना हास्यास्पद है। यह सीधे तौर पर जनता की संपत्ति की चोरी है।
कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने बताया कि भ्रष्टाचार की यह कहानी यहीं नहीं रुकती। विधायक की कंपनी MSC Road and Bridges Pvt. Ltd. का सच भी अब सामने आ गया है: ए क्लास’ रजिस्ट्रेशन हासिल करने के लिए विधायक आशीष शर्मा की कंपनी ने “झंडू कंस्ट्रक्शन लिमिटेड” के नाम से फर्जी ‘वर्क डन’ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया। एक शिकायत के आधार पर जब लोक निर्माण विभाग ने कमेटी बिठाकर जाँच की, तो यह दस्तावेज पूरी तरह जाली पाए गए। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर विभाग ने उनकी कंपनी को अब ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
विवेक कटोच ने कहा कि केंद्र की आड़
राजनीतिक रूप से भी हमीरपुर की जनता को सिर्फ विधानसभा चुनाव के दौरान आशीष शर्मा ने गुमराह ही किया है । चुनावों के दौरान आशीष शर्मा ने दावा किया था कि “हमीरपुर के विकास के लिए राज्य सरकार की ज़रूरत नहीं है, मैं केंद्र सरकार से काम करवाऊँगा।” आज हकीकत यह है कि हमीरपुर में जो भी विकास हो रहा है, वह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से हो रहा है। दूसरी ओर, आशीष शर्मा जैसे नेता केंद्र सरकार के पास जाकर हमीरपुर का फंड रुकवाने और रोड़े अटकाने का काम कर रहे हैं।
आपदा में हिमाचल विरोधी मानसिकता
जब हिमाचल प्रदेश इतिहास की सबसे बड़ी आपदा से जूझ रहा था, तब इन नेताओं ने एक बार भी प्रधानमंत्री मोदी से 1500 करोड़ रुपये की घोषणा की गई राहत राशि जारी करने की माँग नहीं की। इसके विपरीत, जब केंद्र ने हिमाचल का पैसा रोका, तो ये नेता खुशी मना रहे थे। इनका मकसद सिर्फ राज्य सरकार को अस्थिर करना और प्रदेश के हितों को नुकसान पहुँचाना था।
अब जब विधायक आशीष शर्मा के काले कारनामे चाहे वह खनन चोरी हो, फर्जी दस्तावेजों का मामला हो, या हमीरपुर के विकास को रोकने की साजिश—जनता के सामने आ चुके हैं, तो वे मीडिया के सामने झूठा रोना रो रहे हैं। जनता सब देख रही है। अब विधायक को अपनी करनी का फल भुगतना ही पड़ेगा और अपने हर एक घोटाले का हिसाब देना होगा। इस मौके पर उनके साथ युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव पंकज मिन्हास भी मौजूद रहे ।
