234 पंचायतों से दूर करेंगे चिट्टा, हिमाचल प्रदेश में संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विशेष तैनाती*

हिमाचल प्रदेश सरकार ने जानलेवा मादक पदार्थ चिट्टा के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक बड़ा और केंद्रित महाअभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, राज्य की 234 अत्याधिक संवेदनशील पंचायतों की पहचान की गई है, जहां चिट्टे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, इन चिन्हित पंचायतों में खुफिया एजेंसियों और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। इस पहल को सफल बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित उपायुक्तों को तत्काल इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां (ड्रग डी-एडिक्शन कमेटियां) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान केवल पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बहु-आयामी रणनीति पर आधारित होगा। विशेष पुलिस और सीआईडी टीमें गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए नेटवर्क के सरगनाओं पर शिकंजा कसेंगी।

नशा निवारण समितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन समितियों का मुख्य कार्य समुदायों के बीच जागरूकता फैलाना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और नशे के शिकार युवाओं की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए प्रेरित करना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चिट्टा माफिया को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। इन 234 पंचायतों की पहचान गहन सर्वेक्षण के आधार पर की गई है जहां नशे का कारोबार और उपभोग अधिक है

112 नंबर पर दें सूचना

लोग 112 नंबर पर कॉल करके या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे सकते हैं।

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Author: powan dhiman

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