तेजाब का भंडारण व बिक्री केवल लाइसेंस के साथ ही वैध : उपायुक्त

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा है कि भारत सरकार के पॉइजन एक्ट, 1919 तथा हिमाचल प्रदेश पॉइजन (पजेशन एंड सेल) नियम, 2014 के अंतर्गत तेजाब (एसिड) का भंडारण एवं बिक्री केवल वैध लाइसेंस के साथ ही की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्राप्त डीलर, शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान एवं चिकित्सा संस्थान, अस्पताल तथा औद्योगिक इकाइयां, जिन्हें अपने उपयोग के लिए तेजाब की आवश्यकता होती है, उन्हें इसके भंडारण और उपयोग के लिए अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा।

 

उपायुक्त ने बताया कि इन प्रावधानों के अनुपालन के लिए जिला के सभी ऐसे सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थान, जहां प्रयोगशालाओं में तेजाब का प्रयोग किया जाता है, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, एसपीयू, आईआईटी, आईटीआई, आभूषण विक्रेता तथा सर्विस स्टेशन, जो तेजाब का उपयोग करते हैं, उन्हें 15 जनवरी तक इसके भंडारण के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन करना होगा। इसके साथ ही मंडी जिला में तेजाब की बिक्री करने वाले सभी विक्रेताओं के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

 

उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के तेजाब का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए जिन शिक्षण संस्थानों में प्रयोगशालाएं संचालित हैं और प्रायोगिक कार्यों में तेजाब का उपयोग होता है, उन्हें इसके सुरक्षित भंडारण के लिए लाइसेंस लेना आवश्यक है।

 

उपायुक्त ने जानकारी दी कि लाइसेंस के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सहायक दवा नियंत्रक के कार्यालय, तथा सरकाघाट एवं सुन्दरनगर में सहायक दवा निरीक्षकों के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था एक से अधिक स्थानों पर तेजाब का भंडारण या बिक्री करती है, तो प्रत्येक स्थान के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना होगा। उन्होंने बताया कि पॉइजन एक्ट के अंतर्गत 20 प्रकार के तेजाब सहित अन्य खतरनाक पदार्थ भी शामिल हैं।

 

इस विषय को लेकर उपायुक्त ने दवा नियंत्रक अनूप शर्मा तथा दवा निरीक्षक पवन ठाकुर के साथ बैठक भी की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को तेजाब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के निर्देश दिए।

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Author: powan dhiman

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