पवन धीमान हमीरपुर।
जिले के पक्का भरौ क्षेत्र में एक स्थानीय व्यापारी के साथ हुए हिंसक हमले ने शहर के व्यापारी वर्ग में आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद व्यापारियों ने अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान खींचा है। वहीं, पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगे हैं।
पीड़ित व्यापारी ने बताया कि वह एक झगड़े को बीच-बचाव करने के बाद अपने घर लौट रहे थे, तभी एक प्रवासी युवक ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बाद में उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई है, जिस पर तीन टांके लगाए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि 6-7 लोगों ने मिलकर उन पर हमला किया।
“मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा है कि वे उचित कार्रवाई करेंगे,” ऐसा कहने वाले पीड़ित के विपरीत, उनके परिवार के सदस्य शम्मी ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है और अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “एक तरफ तो प्रशासन उचित कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है, लेकिन दूसरी ओर हमलावर खुले घूम रहे हैं। यह कैसा न्याय है?”
घटना के विरोध में उठे स्थानीय व्यापारियों ने न केवल तत्काल न्याय की मांग की है, बल्कि प्रवासियों द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं पर भी चिंता जताई है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमित ठाकुर ने कहा, “बाहरी राज्यों से आकर यहाँ कबाड़ी का काम या अन्य छोटे-मोटे काम करने वाले लोग अक्सर मोहल्लों में गश्त लगाते हैं और लोगों की दिनचर्या पर नज़र रखते हैं। मौका मिलते ही चोरी कर फरार हो जाते हैं। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।”
हालांकि, घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन अब तक की धीमी गति की कार्रवाई ने स्थानीय लोगों के मन में प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर संदेह पैदा कर दिया है।
इस मामले ने एक बार फिर शहर में बाहरी प्रवासियों और स्थानीय निवासियों के बीच बढ़ते तनाव के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। सभी की नजरें अब जिला पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं, कि वह कितनी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करके पीड़ित को न्याय दिलाता है और शहर में शांति और विश्वास बहाल करता है।
