हिंदू को नहीं जलाया है मानवता को जलाया है ,इस्लामी कट्टरवाद मानवता का दुश्मन है – सौरव

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा मंडल हमीरपुर के उपाध्यक्ष सौरभ जसवाल का कहना है कि हाल ही में बांग्लादेश की सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक वीडियो ने पूरे विश्व के मानवतावादी समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस वीडियो में एक हिंदू युवक के साथ जिस प्रकार से अमानवीय, क्रूर और हिंसात्मक व्यवहार किया गया, वह न केवल जिहादी मानसिकता को उजागर करता है बल्कि मानवता के मूल मूल्यों पर भी गहरा आघात है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हजारों की संख्या में मौजूद उन्मादी भीड़ द्वारा युवक को बेरहमी से पीटा जाता है, जमीन पर घसीटा जाता है और अधमरी अवस्था में एक जीवित पेड़ से लटकाकर अंततः आग के हवाले कर दिया जाता है। यह घटना सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और भयावह है। वह एक हिंदू को नहीं जलाया बल्कि मानवता का दहन है इस्लामिक कट्टरता मानवता के लिए कलंक है

यह कृत्य किसी एक व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज, लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक सहिष्णुता के विरुद्ध एक जघन्य अपराध है। धर्म के नाम पर की गई ऐसी हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। यह स्पष्ट करता है कि कट्टरपंथी और जिहादी सोच किस प्रकार समाज में नफरत, भय और अराजकता फैलाने का कार्य कर रही है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति की निर्मम हत्या मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

हम यह स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि किसी भी देश, धर्म या समुदाय में इस प्रकार की हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। बांग्लादेश सरकार और वहां की कानून व्यवस्था पर यह गंभीर जिम्मेदारी बनती है कि इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए तथा दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। यदि ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह हिंसक मानसिकता और अधिक प्रोत्साहित होगी।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय को भी इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए। धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर लोकतांत्रिक राष्ट्र का दायित्व है। हम भारत सरकार से भी आग्रह करते हैं कि वह कूटनीतिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से उठाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

अंत में, हम यह दोहराना चाहते हैं कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। नफरत और हिंसा से कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का एकमात्र मार्ग है। वही हम हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर की बात करें तो हमीरपुर के पक्काबरोह में किस प्रकार से एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के द्वारा हिंदू व्यापारी के साथ मारपीट की जाती है डराने धमकाने का काम किया जाता है। विशेष समुदाय की कट्टरता हिमाचल प्रदेश में भी प्रतिदिन बढ़ती जा रही है हमीरपुर पुलिस प्रशासन से आंकड़े है कि युवक पर किए गए विशेष समुदाय के लोगों के द्वारा आत्मघाती हमले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा उन पर कार्यवाही की जाए

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Author: powan dhiman

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