बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते 24 घंटे के भीतर दो हिंदू युवकों की हत्या के बाद देश में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब तक पिछले 18 दिनों में हिंदू समुदाय के छह लोगों की हत्या हो चुकी है।
सोमवार रात नरसिंदी जिले के पालाश उपजिला के चारसिंदुर बाजार में 40 वर्षीय किराना दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने अचानक उनकी दुकान पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मणि की पत्नी अंतरा मुखर्जी गृहिणी हैं और उनका एक 12 वर्षीय बेटा है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मणि का किसी से कोई विवाद नहीं था और वे सादा जीवन जीते थे

इसी दिन जशोर जिले के मणिरामपुर में हिंदू पत्रकार और बीडी खबर के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी (45) की भी नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हमलावर बाइक पर आए, राणा को उनकी आइस फैक्ट्री से बाहर बुलाया और सिर में कई गोलियां मारने के बाद गला रेतकर फरार हो गए। घटनास्थल से सात खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले मयमनसिंह जिले में गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी दीपु चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और उनके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी। वहीं, केहरभांगा बाजार में दवा दुकानदार खोकन दास पर हमला कर दिया गया, जिनकी बाद में मौत हो गई। मयमनसिंह में ही एक अन्य हिंदू गारमेंट कर्मचारी बजेंद्र बिस्वास की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
