कांगड़ा सहकारी बैंक हमीरपुर में एनपीए (खराब) ऋणों के निपटारे के लिए बुधवार से तीन दिवसीय विशेष कोर्ट का आयोजन किया गया। इस कोर्ट में कॉपरेटिव सोसायटी धर्मशाला के डिप्टी रजिस्ट्रार एनपीए मामलों के निपटारे के लिए पहुंचे हैं। इस अवसर पर कांगड़ा सहकारी बैंक हमीरपुर के एजीएम रमेश वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कोर्ट के पहले दिन ही बड़ी संख्या में ऋण धारकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कई ऋण धारकों ने मौके पर ही बकाया राशि जमा करवाई, जबकि कुछ ने भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मांगा। जानकारी के अनुसार, तीन दिवसीय कोर्ट में करीब 180 मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बुधवार शाम तीन बजे तक लगभग 50 मामलों का समाधान कर लिया गया था।
इस दौरान कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे कुछ ऋण धारकों ने जिला मुख्यालय के समीप स्थित कांगड़ा सहकारी बैंक के एक प्रबंधक पर अभद्र भाषा के प्रयोग और डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगाए। ऋण धारकों का कहना है कि संबंधित प्रबंधक सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें अपमानित करता है और कथित रूप से घर का सामान उठाने तथा पालतू पशुओं को जबरन ले जाने की धमकियां भी देता है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, स्थानीय लोगों और ऋण धारकों का आरोप है कि वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के लिए समय मांगे जाने पर छोटे ऋण धारकों को राहत नहीं दी जाती, जबकि बड़े नेताओं, पूर्व विधायकों और मौजूदा विधायकों के मामलों में आसानी से ओटीएस कर दी जाती है। उनका कहना है कि बड़े नेताओं के ऋण माफ तक कर दिए जाते हैं, जबकि छोटे दुकानदारों को न तो ऋण माफी मिलती है और न ही भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है।
हालांकि, बैंक के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रबंधक के खिलाफ इस प्रकार की कोई भी औपचारिक शिकायत उनके पास दर्ज नहीं हुई है। वहीं, ऋण धारकों ने मांग की है कि उन्हें भी एकमुश्त समाधान योजना का समान रूप से लाभ दिया जाए।
गौरतलब है कि कांगड़ा सहकारी बैंक अपनी परिसंपत्तियों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से एनपीए रिकवरी पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि खराब ऋणों का शीघ्र और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जा सके।
