हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित होने के बाद अब पंचायती राज व्यवस्था के साथ भद्दा मज़ाक करने पर उतर आई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार नीतिहीन, दिशाहीन और पूरी तरह जनविरोधी हो चुकी है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार उसी आत्मा को कुचलने का काम कर रही है। कभी कहा जाता है कि पंचायतों को प्रधानाचार्य चलाएंगे, कभी फरमान आता है कि पटवारी पंचायतों का काम संभालेंगे। यह न केवल पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि पंचायती राज अधिनियम और नियमों का खुला हनन भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश सरकार पंचायत व्यवस्था का करना क्या चाहती है? क्या सरकार पंचायत प्रतिनिधियों को पूरी तरह खत्म कर नौकरशाही के हवाले पंचायतों को सौंपना चाहती है? यह सोच कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता को उजागर करती है, जहां चुने हुए जनप्रतिनिधियों की कोई अहमियत नहीं रह गई है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि अगर पंचायत चुनावों को आगे किया गया है, तो उसकी पूरी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। चुनाव टालकर अब अव्यवस्था फैलाना, भ्रम की स्थिति पैदा करना और पंचायतों को अनाथ छोड़ देना कांग्रेस सरकार की घोर नाकामी को दर्शाता है।
