हमीरपुर, पवन धीमान,
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 03 के जद में आते लोगों को क्या किसी कंपनी या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, या तो फिर वरिष्ठ नेताओ ने परेशान किया है। बात कोट से लेकर मंडी तक की है। सवाल है कि यह राजमार्ग राजनेताओं की उपेक्षा के मुताबिक बन रहा है या फिर सामरिक दृष्टि से? इस कंपनी के निर्माण कार्य से लोग देवताओं पर भी समय पर बारिश नही होने से सवालिया निशान उठाने को मजबूर हैं
कुछ स्थानीय नेता और सांसद कि राजमार्ग के निर्माण को अपनी काबिलियत बता रहे हैं, परंतु धरतर पर यह राजमार्ग सिर्फ खानापूर्ति साबित हो रहा है।
ग्राम पंचायत टपरे की अप्पर दरोहगण वार्ड की वार्ड मेंबर सुमन चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-03 के निर्माण कार्य से पंचायतवासी ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र और विशेषकर उनका गांव अप्पर दरोहगण गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछली मक्की की फसल के समय दरकोटी बाईपास पर कंपनी द्वारा किए गए गलत निर्माण कार्य के कारण डांग खिसक गई थी, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। उस दौरान कंपनी के अधिकारियों और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने मक्की की फसल का मुआवजा देने, रास्तों की मरम्मत करने और अन्य नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उन आश्वासनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वार्ड मेंबर सुमन चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गांववासी मजबूर होकर शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और अपने अधिकारों की मांग करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अब आगे यह प्रशासन और संबंधित कंपनी की मर्जी है कि वे कौन-सी भाषा समझते हैं।
