हमीरपुर में खुलेआम नियमों की धज्जियां, बस स्टैंड के पास सड़क पर मौत का सामान बिखेर कर ठेकेदार बेखौफ

हमीरपुर जिला मुख्यालय में बस स्टैंड के समीप नगर निगम द्वारा बनाई जा रही दुकानों का निर्माण कार्य अब आम जनता की जान के लिए खतरा बन चुका है। ठेकेदार ने सड़क को ही डंपिंग ग्राउंड बना दिया है, जहां खुलेआम रोड़ी और सरीया फेंक दी गई है, लेकिन न नगर निगम को फर्क पड़ रहा है और न ही प्रशासन को।
पिछले करीब पांच दिनों से सड़क पर पड़ी बजरी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत को न्योता दे रही है। हर रोज लोग इस रास्ते से गुजरते हुए फिसल रहे हैं, दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
सबसे हैरानी की बात यह है कि मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जबकि नियमों के अनुसार निर्माण स्थल पर स्पष्ट संकेतक और बैरिकेडिंग अनिवार्य होती है। सड़क पर निर्माण सामग्री फेंकना किस कानून के तहत जायज़ है, यह समझ से परे है।
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि यदि यहां कोई गंभीर दुर्घटना या मौत होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार दोनों की होगी, क्योंकि काम ठेकेदार कर रहा है और निगरानी नगर निगम की जिम्मेदारी है।
लोगों में भारी रोष है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी की जान की कीमत पर ही विकास होगा? यदि जल्द ही सड़क से रोड़ी-सरीया नहीं हटाई गई और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो जनता को मजबूरन सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ेगा।

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Author: powan dhiman

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