6 युवाओं को 100% और 5 को 50% छात्रवृत्ति: अनुराग सिंह ठाकुर

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हरियाणा के पानीपत स्थित गीता यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि नेतृत्व देने वाले, निर्णय लेने वाले और राष्ट्र को दिशा दिखाने वाले युवा चाहिए।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी औपचारिकता का नहीं, बल्कि युवाओं की संघर्षशील यात्रा, अनुशासन और संकल्प का सार्वजनिक प्रमाण होता है। आज का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने—यही नए भारत की पहचान है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सशक्त, प्रशिक्षित और जागरूक युवा नेतृत्व से साकार होगा। विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो अवसर देता है, नवाचार को बढ़ावा देता है और हर युवा को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ हिमाचल प्रदेश के युवाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से “Yuva ChangeMakers” कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम युवाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी सौंपता है।

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि गीता यूनिवर्सिटी द्वारा Yuva ChangeMakers को दिया गया समर्थन ऐतिहासिक और अनुकरणीय है। विश्वविद्यालय द्वारा हिमाचल प्रदेश के 11 प्रतिभागियों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय युवा शक्ति पर विश्वास का प्रमाण है, जिसमें 6 युवाओं को 100 प्रतिशत और 5 को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने इसके लिए गीता यूनिवर्सिटी प्रबंधन की खुलकर सराहना की।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश के युवाओं से दो टूक शब्दों में कहा कि अब समय सोचने का नहीं, नेतृत्व संभालने का है। जो युवा राष्ट्र निर्माण में भागीदारी चाहता है, वह yuvachangemakers.com पर जाकर पंजीकरण करे और विकसित भारत–विकसित हिमाचल के संकल्प से जुड़े।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह उपलब्धि देश के युवाओं के परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। अमृतकाल के आगामी 25 वर्ष भारत के भविष्य की नींव रखेंगे और इसमें युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक होगी।

अपने संबोधन के अंतिम चरण में उन्होंने कहा कि देश आज एक निर्णायक दौर में खड़ा है। वर्तमान युवा पीढ़ी केवल इस परिवर्तन की साक्षी नहीं, बल्कि इसके शिल्पकार हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, ऊर्जा और नेतृत्व को राष्ट्र सेवा में समर्पित करें और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की लड़ाई का नेतृत्व करें।

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Author: powan dhiman

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