खाकी पर फिर दाग! शिमला में चिट्टे के साथ पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार

प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए एक इंस्पेक्टर सहित 11 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किए जाने के बाद भी खाकी का दामन दागदार होने से नहीं बच पाया है। शिमला पुलिस के स्पेशल सेल ने अब नशे के काले कारोबार में लिप्त एक पुलिस कांस्टेबल समेत तीन युवकों को चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

बुधवार देर रात शोघी बैरियर पर गश्त के दौरान स्पेशल सेल की टीम ने एक संदिग्ध कार को रोका। तलाशी ली गई तो कार से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि कार में सवार तीन युवकों में से एक शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल निकला। यानी जिस खाकी पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी थी, वही कानून को रौंदते हुए नशे की तस्करी में शामिल पाया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिरमौर जिले के नौहराधार निवासी विकास कुमार (32), शिमला के जुन्गा निवासी राहुल कुमार (35) और मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी गौरव भारद्वाज (23) के रूप में हुई है। तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर पुलिस थाना बालूगंज में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश सरकार खुद नशे के मामलों में सख्ती का दावा कर रही है। बावजूद इसके, पुलिस विभाग के भीतर से ही नशे के नेटवर्क का सामने आना सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि आखिर चिट्टे का यह जाल पुलिस महकमे तक कैसे पहुंच गया?

एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और दोषी चाहे वर्दी में हो या सिविल कपड़ों में, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उधर, शिमला जिला में ही सुन्नी थाना क्षेत्र के तहत हरलोटी इलाके में गश्त के दौरान पुलिस ने एक अन्य मामले में ‘ऊना नंबर-वन’ ब्रांड की 24 बोतलें शराब बरामद की हैं। आरोपी नोकू राम, निवासी हरलोटी, के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश में चिट्टे के बढ़ते मामलों और उसमें वर्दीधारियों की संलिप्तता ने यह साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर भी लड़नी होगी।

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Author: powan dhiman

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