आज भारी गांव में मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गय।
इस अभियान में ग्रामीणों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने व खत्म करने की साजिशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा इसके सामाजिक-आर्थिक महत्व पर सार्थक चर्चा की गई। इस ऑब्जर्वर डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि
मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों के रोज़गार का अधिकार,ग्रामीण विकास की रीढ़,
आत्मनिर्भर गांवों की मजबूत बुनियाद है।
इस अवसर पर डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि एक तरफ मनरेगा के बजट और स्वरूप में लगातार छेड़छाड़ की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस शासित राज्यों के साथ बजट में कटौती कर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जो सरासर नाइंसाफी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार पर मोहताज किया जा रहा है, जबकि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू चट्टान की तरह मजबूती से डटे हुए हैं।
हम सभी ने संकल्प लिया कि यह संघर्ष हर गांव, हर पंचायत, हर घर तक पहुंचाया जाएगा।
मनरेगा बचेगी गांव बचेगा, देश बचेगा। इस अवसर पर रिटायर्ड प्रिंसिपल रणबीर ठाकुर,
ब्लॉक यूथ कांग्रेस अध्यक्ष दिवस ठाकुर,
विनय कुमार, गौरव कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
