राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (टोनी देवी–आवाहदेवी) के निर्माण में लगी कंपनी की कथित मनमानी अब भारी पड़ती नजर आ रही है। टोनी देवी के समीप स्थित अप्पर द्रोगन गांव के लोग उस बिंदु पर पहुंच चुके हैं, जहां वे एनएच का कार्य रुकवाने का फैसला ले सकते हैं।
ग्रामीणों ने बीते दिनों उपायुक्त गंधर्व राठौर को ज्ञापन सौंपकर साफ चेतावनी दी थी कि यदि निर्माण के दौरान बंद किए गए रास्ते और लिंक रोड बहाल नहीं किए गए, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। प्रशासन द्वारा दी गई समय-सीमा अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या एनएच कंपनी प्रशासनिक आदेशों को भी नजरअंदाज कर रही है?
क्या ग्रामीणों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना ही पड़ेगा?
और अगर कोई बड़ा टकराव होता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—कंपनी की या प्रशासन की?
सूत्रों की मानें तो अप्पर द्रोगन गांव के लोग किसी भी समय निर्माण कार्य रोकने का निर्णय ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करता है या फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जनाक्रोश काम रोक देगा।
