विकसित भारत की नींव को मजबूत करने वाला दूरदर्शी बजट: प्रो. प्रेम कुमार धूमल

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को देश की विकास यात्रा को नई गति देने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम है।

 

प्रो. धूमल ने विशेष रूप से बजट के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि कैंसर, मधुमेह सहित सात गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने का निर्णय करोड़ों परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है। इसके साथ ही देशभर में जिला स्तर पर अस्पतालों के उन्नयन और छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण का प्रावधान स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे को मजबूत करेगा और ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध होगा।

 

उन्होंने कहा कि बजट में मेडिकल टूरिज्म पर विशेष फोकस हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वच्छ वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और अनुकूल जलवायु के कारण हिमाचल चिकित्सा पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

 

दूसरे प्रमुख बिंदु के रूप में प्रो. धूमल ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Public Capital Expenditure) में वृद्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। इससे सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश होंगे, जो देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे।

 

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल संख्याओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का रोडमैप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

प्रो. धूमल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा।

 

 

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Author: powan dhiman

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