हिमाचल की जनता के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात: रजत राणा

हमीरपुर विधानसभा युवा कांग्रेस के युवा नेता रजत राणा ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को हिमाचल प्रदेश के साथ खुला अन्याय और सीधा धोखा करार दिया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह हिमाचल विरोधी है और इससे साफ हो गया है कि केंद्र सरकार की नीतियों में पहाड़ी और आपदा-संवेदनशील राज्यों के लिए कोई स्थान नहीं है।
रजत राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हर वर्ष बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझता है, इसके बावजूद बजट में
न कोई विशेष आपदा पैकेज,
न राहत कोष में बढ़ोतरी,
और न ही कोई ठोस आपदा प्रबंधन योजना शामिल की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश से बीजेपी के 4 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसद हैं, तो फिर भी अगर हिमाचल को बजट में एक भी ठोस सौगात नहीं मिलती, तो यह सीधे-सीधे बीजेपी सांसदों की नाकामी, चुप्पी और दिल्ली दरबार में कमजोर पैरवी को दर्शाता है।
“7 सांसद होने के बावजूद हिमाचल को शून्य मिलना, प्रदेश की जनता के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।”
रजत राणा ने कहा कि इस बजट में
सेब उत्पादकों, किसानों और बागवानों के लिए कोई राहत नहीं,
पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया,
और युवाओं के रोजगार, स्वरोजगार व उद्योगों को लेकर बजट पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ है।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह बजट
“सबका साथ, सबका विकास” नहीं बल्कि “बीजेपी का प्रचार और हिमाचल का बहिष्कार” है।
केंद्र सरकार हिमाचल से टैक्स और वोट तो चाहती है, लेकिन बदले में विकास देने को तैयार नहीं है।

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Author: powan dhiman

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