जिला हमीरपुर की गसोता पंचायत के अतर्गत आते कंगरू गांव के लोग क्षेत्र में श्मशान घाट के निर्माण को लेकर लामबंद हो गए हैं। लोगों को कहना है कि उनके घरों के नजदीक इस श्मशान घाट का निर्माण कार्य बिल्कुल जायज नहीं है। इसी निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय महिलाओं ने निर्माण स्थल को घरों के बेहद करीब बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। मामले में अब प्रशासन हरकत में आ गया है।
जिला हमीरपुर की गसोता पंचायत के कंग
रू क्षेत्र की तीन महिलाओं — उर्मिला देवी, गायत्री देवी और मीना देवी — ने कुछ दिन पहले उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपने घरों के पास बन रहे श्मशान घाट पर आपत्ति जताई थी।
महिलाओं का कहना है कि श्मशान घाट उनके घरों के बिल्कुल नजदीक बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि घरों में छोटे-छोटे बच्चे भी रहते हैं, जो डर के माहौल में रहेंगे। महिलाओं ने प्रशासन से श्मशान घाट को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की है।
उपायुक्त के आदेशों के बाद एसडीएम हमीरपुर मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान गांव के बुजुर्गों ने बताया कि पुराने समय से ही नाले के पास मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है।
एसडीएम हमीरपुर ने निर्माण कार्य कर रहे लोगों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि श्मशान घाट के चारों ओर दीवार का निर्माण किया जाए, ताकि आसपास रहने वाले परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूर्व प्रधान सुमना पठानिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह नियमों के अनुसार ही होगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को भी राहत प्रदान की जानी चाहिए।
