जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में
स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। इंटरनेट सेवा बंद रहने के कारण करीब डेढ़ घंटे तक एक भी मरीज की पर्ची नहीं बन सकी, जिससे सैकड़ों मरीजों को लंबी कतारों में खड़े होकर परेशानियां झेलनी पड़ीं।
सुबह 8 बजे से ही मरीज पंजीकरण काउंटरों के बाहर लाइन में लगे रहे, लेकिन काउंटर खुलने के बाद उन्हें बताया गया कि नेट बंद है। सवाल यह उठता है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस बताए जा रहे मेडिकल कॉलेज में एक इंटरनेट समस्या पूरे सिस्टम को कैसे ठप कर सकती है?
सूत्रों के मुताबिक नेट बंद होने के पीछे कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की भूमिका होने की चर्चाएं भी तेज हैं। यदि यह सच है तो यह केवल तकनीकी खराबी नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या सुनियोजित छेड़छाड़ का मामला बन सकता है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद अब तक किसी की पहचान नहीं हो पाई।
मरीजों ने आरोप लगाया कि पर्ची के नाम पर 10 रुपये शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन सुविधा के नाम पर उन्हें घंटों इंतजार और अव्यवस्था मिलती है।
वहीं मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. देश राज शर्मा ने इसे तकनीकी समस्या बताते हुए कहा कि करीब डेढ़ घंटे बाद व्यवस्था बहाल कर दी गई।
अब बड़ा सवाल यह है — क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या फिर सिस्टम से जानबूझकर छेड़छाड़? मरीज जवाब और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार कर रहे हैं।
