उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति विस्तृत समीक्षा मनरेगा में 55.13 लाख मानव दिवस सृजित, 15 मार्च तक शत प्रतिशत ई-केवाईसी का लक्ष्य

उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज डीआरडीए सभागार में आयोजित खंड विकास अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उपायुक्त ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत अब तक 55.13 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं तथा 16 जनवरी से 25 फरवरी की अवधि में 74.50 प्रतिशत के मुकाबले 83.72 प्रतिशत मानव दिवस अर्जित किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मानव दिवस सृजन को और गति दी जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध हो सके।

 

उन्होंने बताया कि मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी 79.31 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी है। उपायुक्त ने इसे 15 मार्च तक शत प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी के बिना किसी भी श्रमिक का मस्टररोल जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्थायी आजीविका के साधन सृजित करने पर बल दिया।

 

उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के शेष आवासों को 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही 2025-26 के आपदा ग्रस्त आवासों से संबंधित औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने को कहा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

 

उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को सुचारू रूप से संचालित करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक को लोक निर्माण विभाग को सड़क सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायती राज विभाग के तहत 15वें वित्त आयोग की 30 प्रतिशत टाइड ग्रांट (पेयजल) की राशि जलशक्ति विभाग को शीघ्र जारी करने को कहा। इस दौरान समर्थ पंचायत पोर्टल, ई-परिवार सर्वे तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की भी समीक्षा की गई।

 

उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिला में 141 गांव चयनित हैं तथा इन ग्रामों में किए गए कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र सभी खंड विकास अधिकारी शीघ्र सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को प्रेषित करें।

 

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, जिला विकास अधिकारी ग्रामीण गोपी चंद पाठक, जिला कल्याण अधिकारी समीर तथा सभी विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: powan dhiman

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