दाड़ला पंचायत के वार्ड नंबर-07 के अंतर्गत आने वाले कजोटी गांव के ग्रामीणों में पंचायत पुनर्गठन को लेकर भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए गांव को करोट पंचायत से अलग कर जबरन बड़ई पंचायत में शामिल कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि करोट पंचायत उनके गांव से महज 100 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित है, जबकि बड़ई पंचायत लगभग 6 किलोमीटर दूर है। ऐसे में पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए उन्हें दो बसें बदलकर बड़ई पहुंचना पड़ता है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर गुमराह कर हस्ताक्षर लेने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले उन्हें बताया गया था कि नई पंचायत बलोटू गांव में बनाने का प्रस्ताव है, जो कजोटी गांव से करीब 400 मीटर की दूरी पर है। इसी आधार पर उनसे हस्ताक्षर करवाए गए, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि गांव को बड़ई पंचायत में जोड़ा जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने पहले SDM सुजानपुर को भी आपत्ति प्रस्ताव सौंपा था, जहां उन्हें आश्वासन दिया गया था कि कजोटी गांव को बड़ई पंचायत में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद हाल ही में जारी अधिसूचना में गांव को फिर से बड़ई पंचायत में ही रख दिया गया।
इस फैसले के खिलाफ ग्रामीणों ने 3 मार्च 2026 को विधायक और खंड विकास अधिकारी को दोबारा आपत्ति प्रस्ताव भी सौंपा, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
कजोटी गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुविधा और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए गांव को करोट पंचायत के साथ ही जोड़ा जाए, अन्यथा ग्रामीण आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
