जिला हमीरपुर मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित नादौन चौक के समीप बुधवार को एक सनसनीखेज सड़क हादसा सामने आया। एक कार चालक, जो कथित तौर पर नशे की हालत में था, ने पहले एक वाहन को टक्कर मारी और फिर दूसरी गाड़ी से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियों के एयरबैग तक खुल गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गाड़ी नादौन चौक से बस स्टैंड की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बस स्टैंड से नादौन की तरफ आ रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने दोनों वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक अन्य वाहन भी चपेट में आ गया, जिससे कुल तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब लोगों ने आरोपी चालक को कार के अंदर गहरी नींद में सोता हुआ पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभिक जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने के चलते कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने चालक का ड्रिंक एंड ड्राइविंग के तहत चालान जरूर काटा है।
बड़ा सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
अगर इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो जिम्मेदार कौन होता?
क्या सिर्फ चालान काटना ही पर्याप्त है?
आखिर क्यों नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती नहीं बढ़ाई जाती?
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि ड्रिंक एंड ड्राइविंग सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि जानलेवा खतरा है। समय रहते सख्त कार्रवाई और जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।
