खनन गड़बड़ी मामले में सच्चाई बेनकाब—सदर विधायक जवाब दें ::::डॉ पुष्पेंद्र वर्मा

हमीरपुर में सामने आए क्रशर एवं खनन से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय ने कई तथ्यों को उजागर कर दिया है। आज यह साफ हो गया है कि गड़बड़ी हुई है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन लोगों के कर्म थे, उनका खामियाजा परिवार के सदस्यों को भुगतना पड़ रहा है।

डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले में असली दोषियों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। सवाल यह है कि आखिरकार रातों-रात मालिकाना हक पारिवारिक सदस्यों के नाम पर क्यों और कैसे स्थानांतरित किया गया? क्या यह सच्चाई से बचने का प्रयास नहीं है?

उन्होंने सदर विधायक पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया गया, वहीं दूसरी ओर खुद को दानवीर और निर्दोष बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया। जनता अब सच्चाई जानना चाहती है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि जब यह कार्रवाई शुरू हुई थी, तब प्रदेश सरकार और पुलिस पर राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए गए और पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया गया। लेकिन आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच और कार्रवाई उचित दिशा में थी तथा प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्यवाही को सही ठहराया है।

उन्होंने कहा कि यह केवल हमीरपुर का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है।

अंत में डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि सदर विधायक हमीरपुर जनता के सामने आकर अपना रुख स्पष्ट करें। जनता को जवाब चाहिए और सच्चाई से अब और भागा नहीं जा सकता।

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Author: powan dhiman

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