हमीरपुर में कूड़ा संकट पर बड़ा एक्शन: डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने किया निरीक्षण, नई जमीन की तलाश शुरू

आज वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने बजूरी क्षेत्र में स्थापित कूड़ा नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत को करीब से परखा। इस दौरान उनके साथ नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।

निरीक्षण में सामने आया कि नगर निगम के पास कूड़ा निस्तारण के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके कारण मौजूदा व्यवस्थाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक अहम फैसला लिया गया—अब छोटी गाड़ियों से बड़ी गाड़ियों में कूड़े का स्थानांतरण सीधे डंपिंग यार्ड के भीतर ही किया जाएगा, ताकि सड़कों या खुले स्थानों पर गंदगी न फैले।

अधिकारियों ने बताया कि पहले जहां रोजाना करीब 8 टन कूड़ा निकलता था, वहीं नगर निगम बनने के बाद यह बढ़कर 30 टन प्रतिदिन पहुंच गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कूड़ा केंद्र की सुविधाएं अभी भी नगर परिषद स्तर की ही हैं, जो वर्तमान जरूरतों के मुकाबले बेहद कम हैं।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केंद्र का संचालन कर रही कंपनी अब मैनपावर और मशीनरी दोनों में बढ़ोतरी करेगी। साथ ही, कूड़ा निस्तारण के लिए नई और उपयुक्त भूमि की तलाश भी तेज की जाएगी। इस सिलसिले में डॉ. वर्मा ने ग्रामीणों द्वारा सुझाए गए स्थल का निरीक्षण भी अधिकारियों के साथ किया।

डॉ. वर्मा ने कहा,

“कूड़ा प्रबंधन सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग करके सही तरीके से निस्तारण करें।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया जाएगा कि आबादी से दूर स्थित लगभग 150 कनाल भूमि नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आने वाले 50 वर्षों तक शहर को वायु और जल प्रदूषण से बचाया जा सके।

इस मौके पर नगर निगम के अभियंता अश्विनी शर्मा, जूनियर अभियंता सूर्य, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

powan dhiman
Author: powan dhiman

error: Content is protected !!