शहर में अघोषित बिजली कटों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और इसका खामियाजा आम लोगों से लेकर व्यापारी वर्ग तक को भुगतना पड़ रहा है। बिना सूचना के हो रहे कटों ने लोगों का दिन-प्रतिदिन का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह और शाम के समय देखने को मिल रही है, जब बिजली की खपत अधिक रहती है। कई इलाकों में दिन में 4 से 6 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं जहां बिजली आ भी रही है, वहां लो वोल्टेज की समस्या ने लोगों को परेशान कर रखा है।
घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है क्योंकि मोटर नहीं चल पा रही। बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और ऑनलाइन काम करने वालों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है।
व्यापारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से न केवल कामकाज ठप हो रहा है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। रेफ्रिजरेशन से जुड़े कारोबारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अस्पतालों और क्लीनिकों में भी बिजली कट का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि बैकअप की व्यवस्था होने के बावजूद बार-बार बिजली जाने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई छोटे क्लीनिकों में पर्याप्त बैकअप न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन सेवाएं भी इससे अछूती नहीं रहीं। बस अड्डों पर ईंधन भरने और टिकटिंग सिस्टम प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से न तो कोई शेड्यूल जारी किया जा रहा है और न ही समय पर जानकारी दी जा रही है। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
बिजली विभाग का कहना है कि ओवरलोड, ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते दबाव और कुछ जगहों पर तारों के जलने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। मरम्मत कार्य जारी है और जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
“तारों के जलने और ओवरलोड की वजह से दिक्कत आई है, जिसे ठीक किया जा रहा है। लोगों से सहयोग की अपील है।” सौरव राय
