प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर खुलकर सामने आ रहा है। नरेंद्र ठाकुर ने कुलदीप सिंह पठानिया के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें अपने कार्यकाल की समीक्षा करने की सलाह दी है।
जारी प्रेस वक्तव्य में नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिनके खुद के घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारते।” साथ ही उन्होंने राजिंदर राणा और आशीष शर्मा पर उठाए गए सवालों को अनुचित बताया।
भाजपा नेता ने विशेष रूप से कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (KCCB) के उस दौर का जिक्र किया, जब कुलदीप सिंह पठानिया इसके चेयरमैन थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बैंक में कई गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए और हालात ऐसे बने कि बैंक के इतिहास में पहली बार बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BOD) को भंग करना पड़ा। इसे उन्होंने सहकारी क्षेत्र के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
नरेंद्र ठाकुर ने सवाल उठाया कि आखिर किन परिस्थितियों में इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा और क्या बैंक के माध्यम से कुछ राजनीतिक व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर जवाब देना आवश्यक है और प्रदेश की जनता सच्चाई जानना चाहती है।
भाजपा ने मांग की है कि कुलदीप सिंह पठानिया इस पूरे प्रकरण पर खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और अपने कार्यकाल से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करें। नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भाजपा पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की पक्षधर है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
