रणनीतिक रूप से ईरान का महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमरीकी नौसेना के विध्वंसक जहाजों और ईरानी सेना के बीच सीधी गोलीबारी के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक महीने पुराना संघर्ष विराम अब भी प्रभावी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने हालांकि इस घटना को ईरान की ओर से उकसावा करार दिया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, तो इसका नतीजे और भी गंभीर हो सकते हैं। यह टकराव कल देर रात उस समय शुरू हुआ जब तीन अमरीकी विध्वंसक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया और शुक्रवार तडक़े केश्म द्वीप और बंदर अब्बास के पास स्थित हमलावर ठिकानों पर कड़ा जवाबी हमला किया, वहीं ईरान के ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अमेरिकी नौसैनिक संसाधनों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ और अमेरिकी युद्धपोतों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा कि यह अभियान एक ईरानी तेल टैंकर एम/टी हसना पर पहले हुए अमरीकी हमले का सीधा जवाब था। ईरान जिसे संघर्ष विराम का स्पष्ट उल्लंघन मानता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनकी कार्रवाई रक्षा के अधिकार का वैध उपयोग थी और चेतावनी दी कि क्षेत्र में किसी भी अन्य अमेरिकी दुस्साहस का और भी करारा जवाब दिया जाएगा।