हमीरपुर जिला के ताल जिला परिषद वार्ड में पंचायत चुनावों की हलचल अब विवादों का रूप लेने लगी है। चुनावी प्रचार के बीच पोस्टर और बैनर फाड़े जाने की घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से उम्मीदवारों के समर्थकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए प्रचार पोस्टर कई जगह क्षतिग्रस्त मिले। कुछ स्थानों पर रात में लगाए गए पोस्टर सुबह तक गायब पाए गए, जबकि कई बैनरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसको लेकर समर्थकों ने विरोध जताते हुए इसे चुनावी माहौल खराब करने की कोशिश बताया है।
समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में हर उम्मीदवार को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से प्रचार करने का अधिकार है, लेकिन इस तरह की घटनाएं चुनावी मर्यादा को ठेस पहुंचा रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल को तनावपूर्ण बनाने में लगे हुए हैं।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत और जिला परिषद चुनाव आपसी सौहार्द और विकास के मुद्दों पर होने चाहिए, न कि विवाद और टकराव की राजनीति पर। लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनावी वातावरण बनाए रखने की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनाव की तारीख नजदीक आते ही वार्ड में मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच इस तरह की घटनाएं तनाव को और बढ़ा सकती हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज करवाने की पुष्टि नहीं हुई है।
उधर सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने पोस्टर फाड़ने की घटनाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल ताल जिला परिषद वार्ड में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
