जेजवीं वार्ड-7 में उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब जिला परिषद उम्मीदवार रीना देवी पंडीर ने चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। उनके इस कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
बुधवार, 20 मई 2026 को गांव सलवाड़ निवासी चिन्नी ठाकुर पुत्र श्री कुन्जु राम की पशुशाला में अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पशुशाला में रखी लगभग 70 गड्डियां घास जलकर राख हो गईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के जगदीश जी, नरेन्द्र ठाकुर, सोहन सिंह, कश्मीर अर्जुन, सुरजीत शर्मा, सुनिता, अनुपमा, रक्षा, बग्गो देवी, बलवान, नेता श्री सोहन सिंह ठाकुर और ललित कुमार सहित अनेक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए।
इसी दौरान जब जेजवीं वार्ड-7 की लोकप्रिय जिला परिषद उम्मीदवार रीना देवी पंडीर को घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना समय गंवाए अपना चुनावी प्रचार तुरंत रोक दिया और मरोतन से सीधे गांव सलवाड़ पहुंच गईं। वहां पहुंचकर उन्होंने केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि स्वयं ग्रामीणों के साथ घंटों तक राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में जहां कई नेता केवल चुनाव और वोट मांगने तक सीमित रहते हैं, वहीं रीना देवी पंडीर ने यह साबित कर दिया कि असली जनप्रतिनिधि वही होता है जो जनता के सुख-दुख में सबसे पहले खड़ा दिखाई दे। लोगों ने कहा कि उन्होंने सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का जो परिचय दिया है, उसने पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया है।
ग्रामीण महिलाओं ने भावुक होकर कहा, “ऐसे नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो चुनाव छोड़कर लोगों की मदद के लिए दौड़े चले आते हैं। रीना देवी पंडीर ने साबित कर दिया कि वह केवल वोट लेने नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने राजनीति में आई हैं।”
कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। घटना के बाद पूरे इलाके में रीना देवी पंडीर के इस मानवीय कार्य की चर्चा हो रही है और लोग इसे एक सच्चे जनसेवक की पहचान बता रहे हैं।
इस अवसर पर रीना देवी पंडीर ने IPH विभाग और बिजली विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर पेड़ों की कटाई-छंटाई तथा बिजली लाइनों की उचित देखरेख बेहद जरूरी है।
क्षेत्र में अब एक ही चर्चा सुनने को मिल रही है —
“जो जनता के दुख में साथ खड़ा रहे, वही असली जनप्रतिनिधि कहलाने का हकदार है।”
