हर दिल अज़ीज़ बने नरेश कुमार उर्फ “दर्जी भाई”, लोगों की जुबान पर क्यों है उनका नाम?

हमीरपुर क्षेत्र में इन दिनों एक नाम लगातार चर्चा में है — नरेश कुमार उर्फ “दर्जी भाई”। खास बात यह है कि उनके बारे में बात करते समय लोग किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लेते, बल्कि सीधे उनके व्यवहार, सामाजिक जुड़ाव और लोगों के बीच उनकी मौजूदगी की चर्चा करते हैं।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि दर्जी भाई की पहचान किसी पार्टी विशेष से नहीं, बल्कि आम लोगों के सुख-दुख में शामिल रहने वाले व्यक्ति के रूप में बनी है। चाहे किसी परिवार में खुशी का मौका हो या किसी के घर दुख का माहौल, नरेश कुमार हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस जैसी राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर भी लोग उनका सम्मान करते हैं।

 

ग्रामीणों का मानना है कि आज के दौर में जहां कई नेता केवल चुनावों के समय जनता के बीच नजर आते हैं, वहीं दर्जी भाई सालभर लोगों से जुड़े रहते हैं। क्षेत्र के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी राजनीतिक भेदभाव नहीं किया और हर व्यक्ति की समस्या को अपनी समस्या समझकर सुना।

 

कई लोगों का यह भी कहना है कि नरेश कुमार की सबसे बड़ी ताकत उनका सरल स्वभाव और सहज उपलब्धता है। आम आदमी बिना किसी झिझक के उनसे मिल सकता है और अपनी बात रख सकता है। यही कारण है कि क्षेत्र में उनका नाम किसी राजनीतिक पहचान से ज्यादा एक सामाजिक चेहरा बनकर उभरा है।

 

स्थानीय चर्चाओं में अब यह बात आम हो चुकी है कि “दर्जी भाई” केवल एक नाम नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे और अपनत्व की पहचान बन चुके हैं।

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Author: powan dhiman

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