हमीरपुर। पंचायत चुनावों के दौरान लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की माता श्रीमती संसारदेई (लगभग 88 वर्षीय) ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के मतदान केंद्र भवड़ां में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विशेष बात यह रही कि भवड़ां मतदान केंद्र को पिंक बूथ के रूप में स्थापित किया गया था। इस बूथ पर मतदान प्रक्रिया के संचालन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की पूरी जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों में रही। यहां केवल महिला पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी तथा महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।
श्रीमती संसारदेई ने मतदान कर लोकतंत्र में अपनी आस्था व्यक्त की और समाज को यह संदेश दिया कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। उनकी मौजूदगी ने मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को भी मतदान के प्रति प्रेरित किया।
पिंक बूथ पर शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ तथा महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। लोकतंत्र के इस पर्व में वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र चाहे कोई भी हो, लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण सबसे बड़ा संदेश होता है।
